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जालौन चुर्खी रोड पर स्थित राधे कॉलोनी की आम रास्ता कच्ची है। आम रास्ता कच्चा होने के चलते कॉलोनी के बाशिंदे परेशान हैं। बरसात के मौसम में रास्ते में कींचड होने के कारण लोगों का निकलना मुश्किल है। नगर क्षेत्र में चुर्खी रोड पर चंदा छाया गेस्ट हाउस के सामने लगभग सात वर्ष पूर्व राधे कॉलोनी का निर्माण किया गया था। कॉलोनी की दूरी मुख्य सड़क मार्ग से तकरीबन 400 मीटर की है। इस सड़क को बनवाने की मांग कॉलोनी में रहने वाले लोग कॉलोनी बनने के बाद से ही कर रहे हैं। कुछ समय पूर्व मुख्य मार्ग से लगभग 150 मीटर सडक का निर्माण हो

राधे कॉलोनी पहुंचने के रास्ते में जमा बारिश का पानी व कीचड़
जालौन
चुर्खी रोड पर स्थित राधे कॉलोनी की आम रास्ता कच्ची है। आम रास्ता कच्चा होने के चलते कॉलोनी के बाशिंदे परेशान हैं। बरसात के मौसम में रास्ते में कींचड होने के कारण लोगों का निकलना मुश्किल है।
नगर क्षेत्र में चुर्खी रोड पर चंदा छाया गेस्ट हाउस के सामने लगभग सात वर्ष पूर्व राधे कॉलोनी का निर्माण किया गया था। कॉलोनी की दूरी मुख्य सड़क मार्ग से तकरीबन 400 मीटर की है। इस सड़क को बनवाने की मांग कॉलोनी में रहने वाले लोग कॉलोनी बनने के बाद से ही कर रहे हैं। कुछ समय पूर्व मुख्य मार्ग से लगभग 150 मीटर सडक का निर्माण हो चुका है। इसके आगे का मार्ग अभी भी कच्चा ही है। बारिश के मौसम में कॉलोनी में जलभराव और कीचड़ जमा हो जाता है। जिससे कॉलोनी से निकलना मुश्किल हो जाता है। बच्चे तक खेलने के लिए बाहर नहीं जा पाते हैं। कॉलोनी में रहने वाले विमल समाधिया, धर्मेंद्र सिंह, शिवाजी, दीपक सोनी, कुलदीप सिंह राजावत, रोशन सिह कुशवाहा, विजय पाल, कैलाश कुशवाहा आदि ने बताया कि कॉलोनी के लिए लगभग सात साल से रोड बनवाने की मांग की जा रही है। कुछ समय पूर्व सड़क बनाई गई थी। लेकिन वह कॉलोनी तक नहीं बनाई गई है। जिसके चलते समस्या जस की तस बनी हुई है। बच्चों को स्कूल तक भेजने में दिक्कत होती है। वहीं, बारिश में कच्चे रास्ते और घास फूस में कीड़ों का भी डर बना रहता है। बारिश के मौसम में घर से बाहर वाहन तक नहीं निकाल पाते हैं। पैदल निकलना भी मुश्किल होता है। यदि शेष सड़क का भी निर्माण हो जाए तो लोगों की समस्याओं का अंत हो जाएगा।

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