इको क्लब सिठमरा के बच्चे प्रति दिन पक्षियों के लिए अपनी थाली से करते हैं भोजन का दान ..
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रूरा कानपुर देहात – सुबह-सुबह पक्षियों की चहचहाहट सुनना और उन्हें दाना खाते देखना मन की शांति , तनाव कम, सकारात्मक ऊर्जा संचार पुण्य और आत्मिक प्रसन्नता का सेवा कार्य माना गया है उक्त बातें उच्च प्राथमिक विद्यालय सिठमरा के प्रधानाध्यापक शनेन्द्र सिंह तोमर ने बच्चों को सम्बोधित करते हुए कही।
इस अवसर पर सहायक अध्यापक नवीन कुमार दीक्षित ने कहा कि नियमित रूप से पक्षियों को दाना चुगाने से बुद्धि तीव्र होती है और शिक्षा व एकाग्रता से जुड़ी समस्याओं में सुधार होता है।
शिक्षक माया देवी ने कहा कि घर की छत या बालकनी में दाना-पानी रखने से प्रकृति के करीब जाने का मौका मिलता है, जो भागदौड़ भरी जिंदगी में राहत देता है।
इस अवसर पर अनुदेशक प्रियंका यादव के साथ बच्चों में शिवानी, आयुषी, प्रिंट, हिमांशु, अंशिका, अरविंद, राहुल, आशिक, काजल, आदर्श, सुनाक्षी, रागिनी, सुरागिनी सहित ईको क्लब के सदस्य विद्यार्थी गण उपस्थित थे
विजय शंकर कौशल की रिपोर्ट
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