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जिलाधिकारी द्वारा छात्रावासों का कराया गया औचक निरीक्षण छात्रावासों की बदहाल व्यवस्था पर जिलाधिकारी सख्त, जिम्मेदारों के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश निरीक्षण में सामने आई गंभीर अनियमितताएं, एक सप्ताह में व्यवस्थाएं दुरुस्त कर छात्रावासों का संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश कानपुर देहात दिनांक 18 अगस्त 2026 जिलाधिकारी कपिल सिंह के निर्देश पर जनपद में समाज कल्याण विभाग एवं पिछड़ा वर्ग

जिलाधिकारी द्वारा छात्रावासों का कराया गया औचक निरीक्षण

छात्रावासों की बदहाल व्यवस्था पर जिलाधिकारी सख्त, जिम्मेदारों के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश

निरीक्षण में सामने आई गंभीर अनियमितताएं, एक सप्ताह में व्यवस्थाएं दुरुस्त कर छात्रावासों का संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश

कानपुर देहात दिनांक 18 अगस्त 2026

जिलाधिकारी कपिल सिंह के निर्देश पर जनपद में समाज कल्याण विभाग एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग द्वारा संचालित छात्रावासों की व्यवस्थाओं का नामित अधिकारियों द्वारा औचक एवं विस्तृत निरीक्षण किया गया। निरीक्षण में कई छात्रावासों के संचालन, रखरखाव एवं विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जाने वाली मूलभूत सुविधाओं की स्थिति अत्यंत खराब पाए जाने पर जिलाधिकारी ने कड़ा रुख अपनाते हुए संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। साथ ही संबंधित विभाग को एक सप्ताह के भीतर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं दुरुस्त कर छात्रावासों का नियमानुसार संचालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए हैं। जिलाधिकारी के निर्देश पर अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) दुष्यंत कुमार मौर्य द्वारा राजकीय अनुसूचित जाति छात्रावास (बालिका), अकबरपुर, कानपुर देहात का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान छात्रावास संचालित नहीं पाया गया तथा मौके पर एक भी छात्रा उपस्थित नहीं मिली। छात्रावास के संचालन एवं व्यवस्थाओं की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक तथ्यों को संज्ञान में लिया गया। इसी क्रम में अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) दिग्विजय कुमार सिंह द्वारा राजकीय अनुसूचित जाति छात्रावास (बालक), मूसानगर, कानपुर देहात का निरीक्षण किया गया। यहां मौके पर मात्र लगभग 5-6 बच्चे उपस्थित पाए गए। निरीक्षण में छात्रावास में मेस का संचालन भी नहीं पाया गया। उपस्थित बच्चों के संबंध में जानकारी लेने पर तथ्य सामने आया कि बच्चे घाटमपुर क्षेत्र के रहने वाले हैं तथा उनके भोजन की व्यवस्था या तो वे स्वयं करते हैं अथवा उनके घर से भोजन आता है। छात्रावास की अन्य व्यवस्थाएं, रखरखाव एवं मूलभूत सुविधाओं की स्थिति भी संतोषजनक नहीं पाई गई। डिप्टी कलेक्टर मुख्यालय मो. इरफानउल्ला खां द्वारा भी राजकीय महाविद्यालय बारा, कानपुर देहात (बालक) छात्रावास का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण में छात्रावास संचालित नहीं पाया गया। लंबे समय से उपयोग में न होने के कारण भवन एवं परिसर की स्थिति जर्जर पाई गई। निरीक्षण के दौरान यह तथ्य भी संज्ञान में आया कि छात्रावास के निर्माण के बाद से अब तक इसे आवासित एवं संचालित नहीं किया गया तथा छात्रावास का आवंटन भी नहीं किया गया। इसके साथ ही इसके समुचित रखरखाव की व्यवस्था भी सुनिश्चित नहीं की गई। वहीं डिप्टी कलेक्टर मुख्यालय नरेन्द्र सिंह यादव द्वारा राजकीय महाविद्यालय बारा, कानपुर देहात (बालिका) छात्रावास का निरीक्षण किया गया। यहां भी छात्रावास संचालित नहीं पाया गया तथा जर्जर अवस्था के कारण भवन छात्राओं के रहने योग्य स्थिति में नहीं पाया गया।
छात्रावासों की इस स्थिति को जिलाधिकारी कपिल सिंह ने गंभीरता से लेते हुए कड़ा रुख अपनाया है।जिलाधिकारी ने संबंधित विभाग एवं जिम्मेदार अधिकारियों के प्रति नाराजगी व्यक्त करते हुए छात्रावासों के संचालन एवं रखरखाव में लापरवाही के लिए जिम्मेदारों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि शासन द्वारा विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध कराई गई छात्रावास सुविधाओं का उपयोग सुनिश्चित न होना तथा भवनों का रखरखाव न किया जाना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।
जिलाधिकारी ने संबंधित विभाग को एक सप्ताह के भीतर सभी छात्रावासों की व्यवस्थाएं दुरुस्त कराने, आवश्यक मरम्मत एवं रखरखाव सुनिश्चित करने, भोजन/मेस व्यवस्था को नियमानुसार संचालित कराने तथा पात्र विद्यार्थियों को छात्रावास में आवासित कराते हुए सभी छात्रावासों का विधिवत संचालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी एवं अनुपालन की रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए गए हैं। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि सरकारी धन से निर्मित छात्रावासों को वर्षों तक बंद अथवा जर्जर अवस्था में छोड़ना और विद्यार्थियों को निर्धारित सुविधाओं से वंचित रखना किसी भी दशा में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। छात्र-छात्राओं के हित में संचालित योजनाओं एवं संस्थानों में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों की जवाबदेही तय करते हुए नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।

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