Breaking News

कानपुर देहात के 400 करोड़ के जमीन घोटाले में पूर्व एडीएम सहित कंपनियों व बैंक अधिकारियों पर एफआईआर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर बड़ी कार्रवाई, मूसानगर थाने में तहसीलदार ने दर्ज कराया मुकदमा जालसाजी में तत्कालीन प्रशासनिक अफसरों और बैंक कर्मियों की भूमिका आई सामने कानपुर देहात, 12 मई। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति को जारी रखते हुए बड़ी कार्रवाई की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर कानपुर देहात के भोगनीपुर क्षेत्र में करीब 400 करोड़

कानपुर देहात के 400 करोड़ के जमीन घोटाले में पूर्व एडीएम सहित कंपनियों व बैंक अधिकारियों पर एफआईआर

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर बड़ी कार्रवाई, मूसानगर थाने में तहसीलदार ने दर्ज कराया मुकदमा

जालसाजी में तत्कालीन प्रशासनिक अफसरों और बैंक कर्मियों की भूमिका आई सामने

कानपुर देहात, 12 मई। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति को जारी रखते हुए बड़ी कार्रवाई की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर कानपुर देहात के भोगनीपुर क्षेत्र में करीब 400 करोड़ के जमीन घोटाले में सख्त कार्रवाई की गई है। थर्मल पावर प्लांट लगाने के नाम पर हुई वित्तीय अनियमितताओं को लेकर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए पूर्व एडीएम और संबंधित कंपनियों व बैंकों के अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।

यह मामला साल 2011 से शुरू हुआ था। शासन ने चपरघटा और आसपास के गांवों (कृपालपुर, भुण्डा, रसूलपुर और भरतौली) की ग्राम समाज और निजी काश्तकारों की जमीन थर्मल प्लांट के लिए आवंटित की थी। जिलाधिकारी कपिल सिंह के संज्ञान में जब यह आया कि बिना सरकार की अनुमति के सरकारी जमीन को बैंकों में बंधक रखा गया है, तो उन्होंने जांच के आदेश दिए। जांच में पता चला कि कंपनियों ने अफसरों के साथ मिलकर राजस्व क्षति पहुंचाई है। इसके बाद भोगनीपुर तहसीलदार प्रिया सिंह की तहरीर पर थाना मूसानगर में एफआईआर दर्ज की गई है।

थर्मल प्लांट लगाने का था प्रस्ताव
कानपुर देहात के भोगनीपुर में वर्ष 2011 में हिमावत पावर और लैन्को अनपरा पावर कंपनियों को थर्मल पावर प्रोजेक्ट लगाने के लिए 7 गांवों की लगभग 2332 एकड़ भूमि दी गई थी। समझौते की शर्तों के अनुसार, इन कंपनियों को 3 साल के भीतर निर्माण कार्य शुरू कर बिजली उत्पादन करना था। लेकिन 15 साल बीत जाने के बाद भी कंपनियों ने वहां कोई काम नहीं किया और वह सरकारी तथा अधिग्रहीत भूमि आज भी खाली पड़ी है।

इन कंपनियों ने धोखाधड़ी करते हुए भूमि समझौते की शर्तों का उल्लंघन किया। प्रशासन को यह भी शिकायत मिली कि पावर कंपनियों ने इस सरकारी भूमि को गिरवी रखकर बैंकों से 1500 करोड़ रुपये का कर्ज ले लिया। कंपनियों ने न तो बिजली घर बनाया और न ही बैंकों का कर्ज चुकाया।

जांच में क्या आया सामने
जांच में सामने आया है कि इस पूरे मामले में कंपनियों और बैंकों के साथ-साथ तत्कालीन अपर जिलाधिकारी (भूमि अध्याप्ति) ओ.के. सिंह की भी मिलीभगत थी।
जब बैंकों ने इस कीमती भूमि को अवैध रूप से नीलाम करने की कोशिश की, तो वर्तमान जिलाधिकारी कपिल सिंह ने इसका संज्ञान लिया और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर तत्काल एक्शन लिया गया। नीलामी पर रोक लगाकर इसे सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज कराया गया।

वर्तमान में इस जमीन की कीमत सर्किल रेट के मुताबिक 300 करोड़ रुपये से अधिक है, जबकि बाजार मूल्य इससे भी कहीं अधिक है। शासन के निर्देश पर अब दोनों कंपनियों, संबंधित बैंकों (IDBI, कैनरा, PNB) के अधिकारियों और दोषी प्रशासनिक अधिकारियों/कर्मचारियों के खिलाफ थाना मूसानगर में जालसाजी और साजिश की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया गया है।

About sach-editor

Check Also

मिशन सेफ फ्यूचर 2.0 का हुआ सफल आयोजन अकबरपुर तथा सरवन खेड़ा के प्राइवेट विद्यालयों को दिए गए निर्देश उप जिला अधिकारी ने कढ़ाई से नियम पालन करने का दिया निर्देश,लापरवाही होने पर की जाएगी कार्रवाई “मिशन सेफ़ फ़्यूचर 2.0” के अंतर्गत तहसील अकबरपुर स्थित डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम सभागार में विकास खंड अकबरपुर एवं सरवनखेड़ा के प्राइवेट विद्यालयों के बच्चों की सुरक्षा एवं विद्यालय परिवहन व्यवस्था को लेकर प्रबंधकों एवं प्रधानाचार्यो की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में संबंधित अधिकारियों द्वारा विद्यालयों में बच्चों की सुरक्षा, भवन की स्थिति तथा विद्यालयीय वाहनों के सुरक्षित संचालन के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

मिशन सेफ फ्यूचर 2.0 का हुआ सफल आयोजन अकबरपुर तथा सरवन खेड़ा के प्राइवेट विद्यालयों …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *