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औरैया,-तीन बच्चों की हत्या में हत्यारी माँ व उसके प्रेमी को पुलिस ने भेजा जेल

तीन बच्चों की हत्या में हत्यारी माँ व उसके प्रेमी को पुलिस ने भेजा जेल

इतनी बड़ी वारदात को अंजाम देने के बाद भी हत्यारी मां के चेहरे पर नहीं दिखी कोई शिकन

 

औरैया, दैनिक स्वतंत्र निवेश। कोई मां इतनी निर्दयी कैसे हो सकती है जो तीन बेटों को मारने के बाद भी चेहरे पर कोई शिकन नहीं। पुलिस ने कातिल मां के साथ ही उसके आशिक को भी गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने जब जिंदा बचे चौथे बेटे को उसे दिखाने की कोशिश की तो उसने मुंह फेर लिया और कहा ले जाओ इसे मैं इसे देखना नहीं चाहती, इसे भी मार दूंगी। मां का यह रूप देखकर हर कोई स्तब्ध था तो मन में क्रोध भी था।
फफूंद थानाक्षेत्र के गांव अटा बरौआ निवासी 27 वर्षीय प्रियंका की शादी इटावा के बसरेहर गांव लुहिया निवासी अवनीश से हुई थी। जिससे चार बच्चे है। दो साल पहले पति अवनीश की करंट लगने से मौत हो गई। इसके बाद प्रियंका अपने मायके चली आई। कुछ समय बाद वह चचेरे देवर औरैया बनारसी दास निवासी आशीष के साथ पत्नी के रूप में साथ रहने लगी। कुछ दिनों से दोनों में विवाद हो रहा था। आशीष सैलून में काम करता था और ज्यादा कमाई नही थी। वह चार बच्चों को रखने को तैयार नहीं था। इस पर दोनों ने चारों बच्चों को मारने की योजना बनाई। गुरुवार सुबह आशीष चार बच्चों और प्रियंका को ऑटो पर बिठाकर चला गया।
प्रियंका चार बच्चों को लेकर केशमपुर में सेंगुर नदी के घाट पर चली गई। प्रियंका ने चारों बच्चो को कुछ नशीला पदार्थ खिलाकर नदी में डूबो दिया। बड़े बेटा सोनू ने मरे होने का नाटक किया तो मां ने समझा कि वह भी मर गया मां के जाते ही वह किसी तरह नदी से निकलकर भागा तो प्रियंका भी दौड़ी तब तक सोनू ने ग्रामीण की जाकर पूरी बात बताई। इस पर प्रियंका वहां से भाग गई। सूचना पर पुलिस भी आ गई थी। गोताखोर ने नदी से छह साल के आदित्य और चार साल के माधव व डेढ़ साल के मंगल का शव बाहर निकाला। पुलिस ने प्रियंका को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो कारण पता चला। इस पर शुक्रवार को पुलिस ने प्रियंका के आशिक आशीष को भी गिरफ्तार कर लिया। एसपी चारु निगम ने प्रेस वार्ता में बताया की दोनों ने चार बेटो को मारने की योजना बनाई थी। दोनों को जेल भेजा जा रहा है। वही प्रियंका के चेहरे पर घटना को लेकर कोई शिकन तक नही थी। फिलहाल यह तीन बच्चों की हत्या का मामला जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है। लोग अपनी तरह-तरह की क्रियाएं-प्रक्रियाएं दे रहे हैं।

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