मिशन सेफ फ्यूचर 2.0 का हुआ सफल आयोजन
अकबरपुर तथा सरवन खेड़ा के प्राइवेट विद्यालयों को दिए गए निर्देश
उप जिला अधिकारी ने कढ़ाई से नियम पालन करने का दिया निर्देश,लापरवाही होने पर की जाएगी कार्रवाई
“मिशन सेफ़ फ़्यूचर 2.0” के अंतर्गत तहसील अकबरपुर स्थित डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम सभागार में विकास खंड अकबरपुर एवं सरवनखेड़ा के प्राइवेट विद्यालयों के बच्चों की सुरक्षा एवं विद्यालय परिवहन व्यवस्था को लेकर प्रबंधकों एवं प्रधानाचार्यो की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में संबंधित अधिकारियों द्वारा विद्यालयों में बच्चों की सुरक्षा, भवन की स्थिति तथा विद्यालयीय वाहनों के सुरक्षित संचालन के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक में उपजिलाधिकारी महोदय राज कुमार पाण्डेय ने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी विद्यालय में जर्जर भवन में शिक्षण कार्य न कराया जाए तथा कक्षाओं में निर्धारित क्षमता से अधिक बच्चों को न बैठाया जाए। बच्चों की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए।
आरटीओ महोदय ने विद्यालयीय वाहनों की सुरक्षा के संबंध में कहा कि 15 वर्ष से अधिक पुराने वाहनों का नियमानुसार पंजीकरण/पुनः पंजीकरण कराया जाए तथा एम-परिवहन (m-Parivahan) एप का प्रयोग स्कूली वाहन की फिटनेस एवं वैद्यता स्थिति की जाँच के लिए किया जाए। उन्होंने वाहन चालकों के स्वास्थ्य एवं नेत्र परीक्षण को भी अनिवार्य रूप से कराए जाने पर बल दिया, ताकि बच्चों को सुरक्षित परिवहन सुविधा उपलब्ध हो सके।
क्षेत्राधिकारी (CO) अकबरपुर महोदय ने निर्देशित किया कि विद्यालयीय वाहन चालकों का चरित्र प्रमाण-पत्र अवश्य बनवाया जाए तथा चालक की पृष्ठभूमि का समुचित सत्यापन किया जाए।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) आशीष कुमार पाण्डेय ने कहा कि विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने सभी विद्यालयीय वाहनों की ट्रैकिंग व्यवस्था सुनिश्चित करने, प्रत्येक बार वाहन के संचालन से पूर्व उसकी नियमित जाँच करने तथा ओवरलोडिंग, शराब पीकर वाहन चलाने एवं नाबालिग द्वारा वाहन चलाने पर पूर्ण प्रतिबंध सुनिश्चित करने तथा उनके अभिभावकों की नियमित काउंसलिंग कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने सड़क सुरक्षा की दृष्टि से विद्यालयीय वाहनों में एक अटेंडेंट की अनिवार्यता पर भी ज़ोर दिया। साथ ही बच्चों को गुड टच एवं बैड टच के संबंध में जागरूक किए जाने की आवश्यकता बताई।
ज़िला सड़क सुरक्षा नोडल सन्त कुमार दीक्षित ने विद्यालयों में विद्यालय परिवहन सुरक्षा समिति एवं रोड सेफ्टी क्लब के गठन की व्यवस्था पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इन समितियों के माध्यम से विद्यालय स्तर पर सड़क सुरक्षा संबंधी गतिविधियों, वाहन सुरक्षा एवं विद्यार्थियों में यातायात नियमों के प्रति जागरूकता को प्रभावी बनाया जा सकता है।
बैठक में उपस्थित अधिकारियों ने एकमत होकर कहा कि विद्यालयीय बच्चों की सुरक्षित यात्रा एवं सुरक्षित शिक्षण वातावरण सुनिश्चित करना सभी संबंधित विभागों एवं विद्यालय प्रबंधन की सामूहिक ज़िम्मेदारी है। सभी विद्यालयों को शासन एवं विभागीय निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में जिला विद्यालय निरीक्षक के प्रतिनिधि एस एन कटियार, ब्लॉक सड़क सुरक्षा नोडल अकबरपुर एवं सरवनखेड़ा महाराज सिंह तथा अंकित मिश्रा भी उपस्थित रहे।
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