Breaking News

औरैया-चार स्वतंत्रता सेनानियों की ग्राम पंचायत रावतपुर बदहाली की शिकार

चार स्वतंत्रता सेनानियों की ग्राम पंचायत रावतपुर बदहाली की शिकार

देश की आजादी से अब तक बुनियादी सुविधाओं का अभाव

बिधूना,औरैया। जंगे आजादी के चार पुरोधाओं की ग्राम पंचायत रावतपुर देश की आजादी से लेकर अब तक समस्याओं के मकड़जाल में फंसी बुरी तरह कराह रही है। गांव में जलभराव कच्ची कीचड़ गंदगी से बजबजाती नालियां चिकित्सा सुविधा का अभाव यहां की प्रमुख समस्याओं में है। बुद्धिजीवियों द्वारा समस्याओं के निराकरण की आवाज उठाए जाने के बावजूद स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के इस गांव की समस्याओं के प्रति शासन व प्रशासन आज तक अनजान बना हुआ है।
बिधूना तहसील के विकासखंड अछल्दा की ग्राम पंचायत रावतपुर में देश की जंगे आजादी के चार पुरोधाओं स्वर्गीय लायक सिंह कुशवाह स्वर्गीय इंद्रमणि त्रिपाठी स्वर्गीय जंगी सिंह भदौरिया व स्वर्गीय मोहनलाल शाक्य आदि ने देश की आजादी की लड़ाई लड़ कर गांव गरीब की खुशहाली के जो सपने संजोए थे वह सपने शासन व प्रशासन की अनदेखी के चलते उनकी ही ग्राम पंचायत में आज तक एक ख्वाब ही बने हुए हैं। यह चारों ही स्वतंत्रता संग्राम सेनानी अपनी ग्राम पंचायत के विकास की बाट जोहते स्वर्ग सिधार चुके हैं लेकिन अब तक उनकी ग्राम पंचायत की दशा नहीं सुधरी है। ग्राम पंचायत रावतपुर में जलभराव के साथ कई कच्ची कीचड़ और गंदगी से बजबजाती गलियां नालियां यहां की प्रमुख पहचान बनी हुई है। इस ग्राम पंचायत में आज तक न तो माध्यमिक शिक्षा की कोई व्यवस्था है और न ही चिकित्सा व सुरक्षा से संबंधित कोई सरकारी व्यवस्था उपलब्ध है। यही नहीं चार स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की इस ग्राम पंचायत में आज तक कोई धर्मशाला या सामुदायिक भवन भी उपलब्ध नहीं है। इस ग्राम पंचायत के मजरा कटरानकी व रायपुर में प्राथमिक तालीम के लिए प्राथमिक विद्यालय भी उपलब्ध नहीं है। ग्राम पंचायत के अधिकांश गरीब आज भी पक्के आवास के अभाव में कच्चे मकानों व झोपड़पट्टी में रहने को विवश है। जंगे आजादी के चारो पुरोधा ग्राम पंचायत के विकास की आस लगाए स्वर्ग तक सुधार चुके हैं लेकिन इसके बावजूद आज तक शासन व प्रशासन की अनदेखी से इस ग्राम पंचायत के दिन बहुर नहीं सके हैं।

About sach-editor

Check Also

अकबरपुर, कानपुर देहात योगी सरकार की महत्वाकांक्षी 102-108 निःशुल्क एंबुलेंस सेवा जिसे गरीबों के लिए जीवनदायिनी माना जाता है, कानपुर देहात में सेवा प्रदाता कंपनी के कर्मचारियों की मनमानी और लापरवाही के चलते मजाक बनकर रह गई है। न वर्दी, न पहचान – कौन मरीज, कौन कर्मचारी पता ही नहीं

कानपुर देहात में 102-108 एंबुलेंस सेवा भगवान भरोसे: पायलट-EMT उड़ा रहे हैं कंपनी के आदेशों …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *