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क्या कभी किलाघाट में यमुना की जलधारा वापस आएगी य समाप्त हो जाएगा ऐतिहासिक किलाघाट का अस्तित्व

क्या कभी किलाघाट में यमुना की जलधारा वापस आएगी
य समाप्त हो जाएगा ऐतिहासिक किलाघाट का अस्तित्व

कालपी (जालौन)

वैसे तो कालपी व्यास जन्म भूमि सूर्य मन्दिर लंका मीनार चौरासी गुम्बद आदि जैसी विश्व स्तरीय धरोहरों के लिए सुप्रसिद्ध है इसके साथ ही यमुना के पक्के घाट भी कालपी के आकर्षण के केन्द्र हैं। सबसे महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक घाट को किलाघाट के नाम से जाना जाता है पर आज उक्त घाट को यमुना की जल धारा छोड़कर दूल चली गई जिसके चलते यह घाट वीरान हो गया है। अब सवाल आपसे और शासन प्रशासन के जिम्मेदारों से पूछना चाहते हैं कि क्या कभी यमुना की जलधारा किलाघाट पर आ सकेगी य इस विराट भव्य ऐतिहासिक घाट का अस्तित्व ही समाप्त हो जाएगा ?
साथियों एक समय था जब यमुना के किलाघाट पर मां यमुना प्रवाहित होती थी हर दिन सैकड़ो लोग मां यमुना में स्नान कर मां कालिन्दी की पूजा अर्चना कर भगवान सूर्य को जल देते थे ।हजारों पशु पक्षी अपनी प्यास बुझाते थे वर्ष में कई स्नान पर्वों पर इस घाट मे नगर से लेकर पूरे कालपी क्षेत्र और पड़ोसी जनपदों से हजारों की संख्या में लोग आते थे तमाम धार्मिक अनुष्ठान हुआ करते थे पर अब यह सब इतिहास बनता जा रहा है।मां यमुना किलाघाट को छोड़कर दूर चली गई जहां एक समय ब्रह्म मुहूर्त में प्रातःकाल चार बजे से लोग आ जाते थे पर आज क्या है किलाघाट पर मरघट जैसा सन्नाटा पसरा रहता है

कालपी के किलाघाट पर यमुना की जलधारा वापस लाने के लिए कालपी रक्षा सेवा समिति नामक संस्था प्रमुख अशोक बाजपेई व मनोज पाण्डेय और संस्था के सदस्यों ने किले पर सर्वदलीय बैठक बुलाई जिसमे कालपी के सभी राजनीतिक दलों के प्रनिधि समाज सेवी और गणमान्य बुद्धजीवी लोग समलित हुए

तव यमुना में रिटर्निंग बाल व यमुना को घाटों पर लाने की ब्रहद चर्चा हुई। इसके बाद समिति प्रमुख अशोक बाजपेई द्वारा मा. मुख्य मंत्री उत्तर प्रदेश, मा. विधान परिषद सभापति उत्तर प्रदेश, मां जल जल शक्ति मंत्री उत्तर प्रदेश, प्रमुख सचिव उत्तर प्रदेश सरकार तथा तत्कालीन जिलाधिकारी जालौन को उक्त दोनों मांगो को लेकल डाक रजिस्ट्री की गई। उक्त मांग को संज्ञान में लेकर मा.स्वतंत्र देव सिंह जल शक्ति मंत्री उत्तर प्रदेश सरकार के द्वारा एक तकनीकी टीम भेजकर सर्वे कराया गया और उसके बाद रिटर्निंग बाल तो बन गई पर यमुना को घाटों पर लाने की मांग पूरी नहीं हो सकी। जबकि सर्वे करने आ ई टीम ने कहा था यह कोई मुश्किल काम नहीं है सरकार यदि आदेश कर दे तो यमुना पुन: अपने पुराने रास्ते पर आ जाएगी और घाट फिर गुलजाल हो जाएंगे।
अब इस कार्य के लिए मा. सांसद मा. बिधायक मा. जिला पंचायत अध्यक्ष के अलावा पूर्व बिधायक गण जो कि अक्सर शोसल मीडिया पर मुख्य मंत्री उत्तर प्रदेश योगी आदित्यनाथ जी से मिलने का फोटो डालते रहते हैं उनको यह पहल करनी चाहिए ताकि यमुना फिर अपनी राह पर आ जाए और कालपी की आन बान शान तथा एतिहासिकता और पौराणिकता की रक्षा हो सके इसी निवेदन के साथ फुल स्टाप लगाते हैं।

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