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प्रतिभा शुक्ला की अगुवाई में माती में उमड़ा नारी शक्ति का जनसैलाब, ‘मोदी जी धन्यवाद’ के नारों से गूंजा माहौल

प्रतिभा शुक्ला की अगुवाई में माती में उमड़ा नारी शक्ति का जनसैलाब, ‘मोदी जी धन्यवाद’ के नारों से गूंजा माहौल

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समाचार पत्र

कानपुर देहात। 16 अप्रैल 2026

अकबरपुर रनिया विधानसभा क्षेत्र के माती स्थित ईको पार्क में नारी सशक्तिकरण और महिला सम्मान को समर्पित “नारी शक्ति वंदन सम्मेलन” का भव्य आयोजन हुआ। इस दौरान हजारों महिलाओं की उपस्थिति ने कार्यक्रम को ऐतिहासिक स्वरूप दे दिया। सम्मेलन में महिलाओं का जोश, उत्साह और भागीदारी देखते ही बन रही थी। कार्यक्रम से पूर्व माती चौराहे से ईको पार्क तक विशाल पदयात्रा निकाली गई। पदयात्रा का नेतृत्व राज्यमंत्री प्रतिभा शुक्ला और जिलाध्यक्ष रेणुका सचान ने किया। सैकड़ों महिलाओं ने हाथों में तख्तियां लेकर “नारी का सम्मान, देश का स्वाभिमान” और “सशक्त नारी, सशक्त भारत” जैसे नारों के साथ पूरे जोश के साथ कदम से कदम मिलाकर मार्च किया। इस दौरान पूरे क्षेत्र में महिला शक्ति का अद्भुत प्रदर्शन देखने को मिला। ईको पार्क में आयोजित नारी शक्ति वंदन सम्मेलन का शुभारंभ मुख्य अतिथि राज्यमंत्री प्रतिभा शुक्ला ने जिलाध्यक्ष रेणुका सचान,राज्य महिला आयोग की सदस्य अनिता गुप्ता और पुलिस अधीक्षक कानपुर देहात श्रद्धा नरेंद्र पांडेय के साथ दीप प्रज्वलित कर किया। कार्यक्रम में स्कूली छात्राओं द्वारा प्रस्तुत नारी शक्ति पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने सभी का मन मोह लिया और उपस्थित जनसमूह ने तालियों की गड़गड़ाहट से उनका उत्साहवर्धन किया। सम्मेलन के दौरान “मोदी भइया धन्यवाद” के नारों से पूरा परिसर गूंज उठा। बड़ी संख्या में महिलाओं ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में अपनी एकजुटता दिखाई और इसे ऐतिहासिक कदम बताया। कार्यक्रम में मौजूद महिलाओं को इस अधिनियम से मिलने वाले लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। राज्यमंत्री प्रतिभा शुक्ला ने अपने संबोधन में कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं को राजनीतिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि इस कानून के माध्यम से संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा, जिससे उनका प्रतिनिधित्व और भागीदारी मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि महिलाओं की भागीदारी तो लगातार बढ़ रही है, लेकिन प्रतिनिधित्व में अभी भी असंतुलन है, जिसे यह कानून दूर करेगा। उन्होंने आगे बताया कि आगामी जनगणना के बाद इस अधिनियम को लागू किया जाएगा और वर्ष 2029 के लोकसभा चुनाव तक यह पूरी तरह प्रभावी हो जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि लोकसभा सीटों की संख्या 543 से बढ़ाकर 850 करने का प्रस्ताव है, जिसमें 35 सीटें केंद्र शासित प्रदेशों और 815 सीटें राज्यों के लिए होंगी। इसी के अनुरूप राज्यसभा और विधान परिषद की सीटों में भी बढ़ोतरी की जाएगी। जिलाध्यक्ष रेणुका सचान ने कहा कि यह विधेयक महिलाओं के सम्मान, अधिकार और समान भागीदारी को सुनिश्चित करने का सशक्त माध्यम बनेगा। उन्होंने कहा कि जिस उत्साह के साथ महिलाओं ने इस कार्यक्रम में भाग लिया है, वह यह दर्शाता है कि नारी शक्ति अब अपने अधिकारों को लेकर पूरी तरह जागरूक और सजग है। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि अब इस विधेयक के लागू होने की स्थिति स्पष्ट हो चुकी है और यह विरोध करने वालों के लिए करारा जवाब है। राज्य महिला आयोग की सदस्य अनिता गुप्ता ने कहा कि यह अधिनियम महिलाओं को केवल मतदाता ही नहीं, बल्कि नीति निर्धारक के रूप में स्थापित करेगा। उन्होंने कहा कि नया भारत महिलाओं की भागीदारी के बिना अधूरा है और अब महिलाएं देश की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। वही पुलिस अधीक्षक कानपुर देहात श्रद्धा नरेंद्र पांडेय महिलाओं को जागरूक करते हुए कहा कि एक महिला आईपीएस अधिकारी होने के नाते मैं मानती हूँ कि नारी सशक्तिकरण सिर्फ एक नारा नहीं, बल्कि समाज की प्रगति का आधार है। आज की महिला हर क्षेत्र में अपनी क्षमता साबित कर रही है। शिक्षा, सुरक्षा और सम्मान—ये तीन स्तंभ ही सशक्त नारी की पहचान हैं। जब नारी सुरक्षित और आत्मनिर्भर होगी, तभी सशक्त राष्ट्र का निर्माण संभव है। कार्यक्रम में कृष्णा गौतम, रागिनी भदौरिया, निर्मला दीक्षित, उमा द्विवेदी, सुप्रिया गुप्ता, निष्ठा शुक्ला, शिवानी शुक्ला, राखी कक्कड़, पम्मी सिंह, निर्लेप भारती, संतोषी द्विवेदी, संध्या अग्निहोत्री, बबली तिवारी, उपमा द्विवेदी, मधु कश्यप, रोली तिवारी, दीपिका सिंह, गीता कमल, नीतू पांडेय, शैलेश कुमारी सहित हजारों की संख्या में महिलाओं की गरिमामयी उपस्थिति रही। समापन के अवसर पर यह संदेश स्पष्ट रूप से उभरकर सामने आया कि नारी शक्ति अब केवल सामाजिक दायरे तक सीमित नहीं है, बल्कि वह राजनीतिक और नेतृत्व के क्षेत्र में भी अपनी सशक्त भागीदारी दर्ज कराने के लिए पूरी तरह तैयार है। यह सम्मेलन महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।

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