Breaking News

कानपुर देहात | दिनांक : 01 जून 2026 जिलाधिकारी कपिल सिंह द्वारा कलेक्ट्रेट कार्यालय में जनसुनवाई आयोजित की गई। जनसुनवाई के दौरान जनपद के विभिन्न तहसीलों एवं ग्रामीण-शहरी क्षेत्रों से आए नागरिकों ने अपनी समस्याएं एवं शिकायतें प्रस्तुत कीं। जिलाधिकारी ने प्रत्येक फरियादी की समस्या को गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ सुना तथा संबंधित विभागीय अधिकारियों को प्रकरणों के त्वरित, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के स्पष्ट निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि जनसुनवाई में प्राप्त सभी प्रार्थना पत्रों को प्राथमिकता के आधार पर दर्ज करते हुए निर्धारित समय-सीमा के भीतर उनका समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब अथवा लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी तय की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि शिकायतकर्ताओं को उनके प्रकरण

जिलाधिकारी ने कलेक्ट्रेट में की जनसुनवाई, निस्तारण के दिये निर्देश

कानपुर देहात | दिनांक : 01 जून 2026

जिलाधिकारी कपिल सिंह द्वारा कलेक्ट्रेट कार्यालय में जनसुनवाई आयोजित की गई। जनसुनवाई के दौरान जनपद के विभिन्न तहसीलों एवं ग्रामीण-शहरी क्षेत्रों से आए नागरिकों ने अपनी समस्याएं एवं शिकायतें प्रस्तुत कीं। जिलाधिकारी ने प्रत्येक फरियादी की समस्या को गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ सुना तथा संबंधित विभागीय अधिकारियों को प्रकरणों के त्वरित, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के स्पष्ट निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि जनसुनवाई में प्राप्त सभी प्रार्थना पत्रों को प्राथमिकता के आधार पर दर्ज करते हुए निर्धारित समय-सीमा के भीतर उनका समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब अथवा लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी तय की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि शिकायतकर्ताओं को उनके प्रकरण की प्रगति से अवगत कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है। अतः प्रत्येक अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि आवेदक को समय-समय पर उसके प्रकरण की वर्तमान स्थिति की जानकारी उपलब्ध कराई जाए, जिससे प्रशासन के प्रति आमजन का विश्वास और अधिक सुदृढ़ हो।

About sach-editor

Check Also

3 माह से वेतन नहीं, फिर भी ड्यूटी जारी! चित्रकूट स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर उठे बड़े सवाल चित्रकूट जनपद चित्रकूट के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) में कार्यरत संविदा कर्मचारियों को पिछले तीन माह से वेतन न मिलने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। लगातार वेतन भुगतान में हो रही देरी से कर्मचारियों के सामने आर्थिक संकट गहराता जा रहा है, वहीं स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। सूत्रों के अनुसार जिले के विभिन्न सीएचसी में तैनात संविदा कर्मचारी नियमित रूप से अपनी सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें पिछले तीन महीनों से वेतन नहीं मिला है। कर्मचारियों का कहना है कि परिवार का भरण-पोषण, बच्चों की पढ़ाई, मकान किराया और दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति करना मुश्किल हो गया है। वेतन रुका, बढ़ी परेशानी संविदा कर्मचारियों का आरोप है कि कई बार संबंधित अधिकारियों को समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका। आर्थिक तंगी के चलते कर्मचारियों को कर्ज लेने तक की नौबत आ गई है। स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ सकता है असर विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कर्मचारियों की समस्याओं का जल्द समाधान नहीं किया गया तो इसका सीधा असर स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ सकता है। अस्पतालों की व्यवस्था में संविदा कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है और उनका मनोबल गिरना स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए चिंता का विषय बन सकता है।

3 माह से वेतन नहीं, फिर भी ड्यूटी जारी! चित्रकूट स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *