भारत-ओमान ने FTA पर किए हस्ताक्षर, 99% भारतीय सामान ड्यूटी-फ्री दुनिया के कई बड़े बाजारों में भारतीय सामानों का बजेगा डंका, कई देशों के लिए खुलेंगे रास्ते!
अमेरिका द्वारा लगाए गए हाई टैरिफ और वैश्विक व्यापार में बढ़ती अनिश्चितताओं के बीच भारत ने अपने निर्यात हितों की रक्षा और नए बाजारों तक पहुंच बढ़ाने के लिए मुक्त व्यापार समझौतों को तेजी से अंतिम रूप देने की रणनीति अपनाई है
2026 में कारोबारी रिश्तों की नई मिसाल पेश करेगा भारत, इन देशों के साथ होगी ट्रेड डील
नए साल में सबसे पहले यूरोपीय यूनियन (ईयू) के साथ एफटीए हो सकता है और उसके बाद न्यूजीलैंड के साथ
मार्च या अप्रैल में ब्रिटेन के साथ हो चुके एफटीए पर अमल शुरू हो जाएगा
नए साल में पेरू व चिली के साथ भी व्यापार समझौते की संभावना है
ईयू में फ्रांस, जर्मनी, इटली, बेल्जियम, स्पेन जैसे विकसित देशों को मिलाकर दो दर्जन से अधिक देश शामिल हैं
ईयू के साथ व्यापार समझौता हो जाने पर आगामी वित्त वर्ष 2026-27 में भारतीय निर्यात नई ऊंचाई को छू सकता है
चिली और पेरू के साथ एफटीए होने से दक्षिण अमेरिका में भारतीय व्यापार के लिए नए दरवाजे खुलेंगे
ईयू व अन्य देशों के साथ एफटीए होने से सिर्फ वस्तु निर्यात को ही फायदा होगा
विभिन्न देशों के साथ एफटीए का एक फायदा यह भी होगा कि निर्यात के लिए भारत किसी देश पर निर्भर नहीं रहेगा और भारतीय निर्यात के लिए बाजार का विकल्प बढ़ता जाएगा
वित्त वर्ष 2024-25 में भारत-ओमान का द्विपक्षीय व्यापार करीब 10.5 अरब अमेरिकी डॉलर (निर्यात 4 अरब अमेरिकी डॉलर और आयात 6.54 अरब अमेरिकी डॉलर) था
भारत ओमान FTA डीटेल
कपड़ा और जूते:* टैरिफ कम होने से निर्यात बढ़ेगा, ओमान और GCC बाजार में बेहतर पहुंच.
ऑटोमोबाइल और ऑटो कंपोनेंट्स: वाहन और पार्ट्स के निर्यात में वृद्धि, सस्ता और प्रतिस्पर्धी बनेंगे.
रत्न एवं आभूषण: ड्यूटी फ्री या कम टैरिफ से भारतीय ज्वैलरी की मांग बढ़ेगी.
खाद्य प्रसंस्करण और कृषि: फूड प्रोडक्ट्स, कोल्ड चेन और कृषि रसायनों के निर्यात को बढ़ावा, फूड सिक्योरिटी में सहयोग.
नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable Energy): ग्रीन हाइड्रोजन, सोलर और बैटरी स्टोरेज में निवेश और सहयोग के नए अवसर.
ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition): ग्रीन एनर्जी प्रोजेक्ट्स में पार्टनरशिप, भारत की एनर्जी जरूरतों के लिए स्थिर सप्लाई.
इंफ्रास्ट्रक्चर और लॉजिस्टिक्स: पोर्ट्स, वेयरहाउस और सप्लाई चेन में निवेश, ओमान को गेटवे बनाकर अफ्रीका-एशिया तक पहुंच.
स्टार्टअप और टेक्नोलॉजी (Startups & Deep Tech): AI, लॉजिस्टिक्स सॉफ्टवेयर में सहयोग, युवा उद्यमियों के लिए अवसर.
सामान्य लाभ: GCC, अफ्रीका, पूर्वी यूरोप और मध्य एशिया तक आसान बाजार पहुंच, निवेश बढ़ोतरी (भारतीय निवेश पहले से 5 अरब डॉलर) और व्यापार डाइवर्सिफिकेशन
PM मोदी ने कहा कि जब भी भारत का विकास होता है, तो इससे उसके मित्र देशों को भी विकास करने में मदद मिलती है. भारत, विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है.
PM मोदी ने ओमान की कंपनियों को वृद्धि गाथा में भागीदार बनने के लिए आमंत्रित किया. उन्होंने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था उच्च दर से बढ़ रही है क्योंकि पिछले 11 वर्ष में भारत ने न केवल नीतियों में बदलाव किया है, बल्कि अपने आर्थिक स्वरूप को भी बदल दिया है मोदी ने माल एवं सेवा कर (GST) और IBC सहित उन सुधारों का उल्लेख किया जिन्हें भारत ने हाल के वर्षों में लागू किया है
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