शासकीय धनराशि के दुरुपयोग पर जिलाधिकारी की सख्ती, ग्राम प्रधान पद से हटाई गईं
ग्राम प्रधान एवं तत्कालीन सचिव से ₹6.53 लाख की वसूली के आदेश, एडीओ पंचायत को प्रशासक की जिम्मेदारी
वित्तीय अनियमितता की जांच में ग्राम प्रधान एवं तत्कालीन सचिव दोषी पाए गए
ग्राम प्रधान की प्रशासनिक एवं वित्तीय शक्तियां पूर्व में की गई थीं प्रतिबंधित, सचिव के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई भी हुई
एक पक्ष के भीतर धनराशि ग्राम निधि खाते में जमा न करने पर भू-राजस्व की भांति होगी वसूली
कानपुर देहात, 19 अगस्त 2026।
जिलाधिकारी कपिल सिंह ने शासकीय धनराशि के दुरुपयोग, गबन एवं गंभीर वित्तीय अनियमितता के मामले में कड़ी कार्रवाई करते हुए ग्राम पंचायत देवराहट, विकास खण्ड अमरौधा की ग्राम प्रधान शकुन्तला देवी को प्रशासक पद से हटाने के आदेश दिए हैं। साथ ही सहायक विकास अधिकारी (पंचायत), विकास खण्ड अमरौधा को ग्राम पंचायत देवराहट का प्रशासक नियुक्त किया गया है। प्रशासन की इस कार्रवाई से स्पष्ट है कि शासकीय धनराशि के दुरुपयोग एवं वित्तीय अनियमितता के मामलों में जिला प्रशासन द्वारा जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है। शिकायतकर्ता महाराज सिंह पुत्र स्व. लोकनाथ, निवासी ग्राम जारी, ग्राम पंचायत देवराहट के प्रार्थना पत्र एवं शपथ पत्र के क्रम में कराई गई प्रारम्भिक जांच में ग्राम प्रधान एवं तत्कालीन सचिव प्रथम दृष्टया दोषी पाए गए थे। इसके आधार पर उत्तर प्रदेश क्षेत्र पंचायत एवं जिला पंचायत अधिनियम/पंचायती राज अधिनियम में निहित प्रावधानों के तहत ग्राम प्रधान शकुन्तला देवी की वित्तीय एवं प्रशासनिक शक्तियों पर प्रतिबंध लगाते हुए ग्राम पंचायत में तीन सदस्यीय समिति गठित की गई थी। साथ ही तत्कालीन सचिव/ग्राम विकास अधिकारी सचिन रस्तोगी को निलम्बित करते हुए उनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई प्रारम्भ की गई थी। निलम्बन आदेश के विरुद्ध ग्राम प्रधान द्वारा माननीय उच्च न्यायालय, इलाहाबाद/प्रयागराज में रिट याचिका दाखिल की गई। माननीय उच्च न्यायालय के आदेश दिनांक 19 नवंबर 2025 के अनुपालन में ग्राम प्रधान के निलम्बन आदेश को स्थगित करते हुए उनका पुनः स्पष्टीकरण प्राप्त कर अग्रिम कार्रवाई के निर्देश दिए गए। इसके अनुपालन में ग्राम प्रधान द्वारा 28 नवंबर 2025 को स्पष्टीकरण प्रस्तुत किया गया, जिसका परीक्षण जिला विकास अधिकारी, कानपुर देहात एवं अधिशासी अभियंता, नलकूप विभाग गजेन्द्र सिंह को नामित कर कराया गया। दोनों अधिकारियों द्वारा संयुक्त परीक्षण आख्या दिनांक 22 मई 2026 को प्रस्तुत की गई, जिसमें कुल ₹6,53,339 की वित्तीय अनियमितता पाई गई तथा इसके लिए ग्राम प्रधान एवं तत्कालीन सचिव को दोषी ठहराया गया।
जिलाधिकारी ने उत्तर प्रदेश शासन, पंचायती राज अनुभाग-3, लखनऊ के कार्यालय ज्ञाप में वर्णित व्यवस्था के अनुरूप कार्रवाई करते हुए ग्राम प्रधान शकुन्तला देवी को प्रशासक पद से हटाकर सहायक विकास अधिकारी (पंचायत), विकास खण्ड अमरौधा को ग्राम पंचायत देवराहट का प्रशासक नियुक्त किया है। साथ ही वित्तीय अनियमितता से संबंधित कुल ₹6,53,339 की धनराशि की वसूली निर्धारित की गई है। इसमें शकुन्तला देवी से ₹3,26,669.50 तथा तत्कालीन सचिव/ग्राम विकास अधिकारी सचिन रस्तोगी से ₹3,26,669.50 की धनराशि वसूल की जाएगी। निर्धारित धनराशि ग्राम पंचायत देवराहट के ग्राम निधि प्रथम खाते में एक पक्ष के भीतर जमा कराते हुए उसकी रसीद खण्ड विकास अधिकारी, अमरौधा के माध्यम से जिला पंचायत राज अधिकारी, कानपुर देहात के कार्यालय में उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित अवधि में धनराशि जमा न किए जाने की स्थिति में संबंधित धनराशि भू-राजस्व की भांति वसूल की जाएगी। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा। जिला प्रशासन द्वारा की गई इस कार्रवाई से यह स्पष्ट संदेश गया है कि ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों के लिए उपलब्ध शासकीय धनराशि के दुरुपयोग, गबन अथवा गंभीर वित्तीय अनियमितता को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा तथा दोषी पाए जाने वाले जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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