वंदे मातरम की यात्रा पर प्रधानमंत्री मोदीजी का संबोधन
जब वंदे मातरम् को 50 वर्ष हुए तब देश गुलामी में जीने के लिए मजबूर था
जब वंदेमातरम् 100 साल का हुआ तब देश आपातकाल की जंजीरों में जकड़ा हुआ था
जब वंदेमातरम 100 साल का हुआ तब भारत के संविधान का गला घोंट दिया गया था
जब वंदे मातरम 100 साल का हुआ तब देशभक्ति के लिए जीने-मरने वाले लोगों को जेल की सलाखों के पीछे बंद कर दिया गया था
जिस वंदे मातरम् के गीत ने आजादी की ऊर्जा दी थी उसके जब 100 साल हुए तो दुर्भाग्य से एक काला कालखंड हमारे इतिहास में उजागर हो गया
आज जब वन्देमातरम 150 साल का हुआ है तब भारत में
न विदेशी सत्ता है
न विदेशी चाटुकारों की सत्ता है
न आपातकाल है बल्कि भारत विकसित होने की ओर बढ़ रहा है और मानसिक गुलामी से भी मुक्त हो रहा है
Sach Ke Karib
