अधिकांश स्कूलों कॉलेजों में खेल मैदान सिर्फ नजर आ रहे कागजी
बिधूना,औरैया। भले ही सरकार द्वारा खेलकूद को बढ़ावा देने के लिए बड़े-बड़े वादे और दावे किए जा रहे हैं लेकिन बिधूना तहसील क्षेत्र में खेल मैदानों का भारी अभाव होने से खेल प्रतिभाओं को अपनी प्रतिभा के प्रदर्शन का मौका ना मिल पाने के कारण वह कुंठित होती नजर आ रही है। कहने को तो स्कूलों कॉलेजों में खेल मैदानों की अनिवार्यता निश्चित है लेकिन अधिकांश स्कूलों कॉलेजों में खेल मैदान सिर्फ कागजी साबित होते नजर आ रहे हैं। लगभग 80 प्रतिशत युवक मंगल दल के खेल मैदानों पर भू माफिया का कब्जा बना हुआ है। शिकायतों के बावजूद संबंधित अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं जिससे सरकार की मंशा पर पानी फिर रहा है। . कहने को तो सरकार द्वारा खेलकूद को बढ़ावा देने के लिए बड़े-बड़े वायदे और दावे किए जा रहे हैं लेकिन बिधूना तहसील क्षेत्र में जमीनी धरातल पर देखने में आ रहा है कि सरकारी दावे बिल्कुल खोखले साबित होते नजर आ रहे हैं। पिछली सपा सरकार के कार्यकाल में बिधूना की जनता की मांग पर बिधूना में खेलकूद स्टेडियम बनवाने का भरोसा दिया गया था यह खेलकूद स्टेडियम आज तक नहीं बन सका है। सबसे गौरतलब और दिलचस्प बात तो यह है कि स्कूलों कॉलेजों में मान्यता देने के समय खेलकूद मैदानों की भी अनिवार्यता निर्धारित की गई है किंतु संबंधित अधिकारियों की मिलीभगत से जमीनी धरातल पर देखने में आ रहा है कि अधिकांश स्कूलों कॉलेजों में खेल मैदान सिर्फ कागजी साबित होते दिख रहे हैं। यही नहीं लगभग सभी ग्राम पंचायतों में युवक मंगल दलों की भी व्यवस्था है और युवक मंगल दल के नाम से एक एकड़ व उससे अधिक भूमि भी खेल मैदान के लिए सुरक्षित की गई है लेकिन अधिकांश ग्राम पंचायतों में अधिकांश युवक मंगल दल के खेल मैदानों की भूमि पर अवैध रूप से दबंग कब्जा जमाए हुए हैं। क्षेत्र के खेल से जुड़े बच्चों का कहना है कि खेल मैदानों के अभाव में उन्हें अपनी खेल प्रतिभा के प्रदर्शन का मौका नहीं मिल पा रहा है जिससे उनका कुंठित होना स्वाभाविक है। क्षेत्रीय जागरूक लोगों ने युवक मंगल दलों के खेल मैदानों पर अवैध रूप से हुए कब्जे व स्कूलों कॉलेजों में खेल मैदानों की व्यवस्था न होने के मामले की जांच कराने और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने के साथ खेल मैदानों की समस्या का निराकरण कराने की शासन व जिला प्रशासन से मांग की है।
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