औरैया
जिसको मृत समझ कर दिया , वह जीवित निकला
27 जून को पुरवा रहट में मिले शव की परिजन ने की थी शिनाख्त
अब मृतक की असल पहचान करना पुलिस के लिए बनी सिर दर्द
अयाना, औरैया
थाना के सेंगनपुर निवासी लोगों ने सदर कोतवाली के पुरवा रहट में मिले शव को रिश्तेदार समझ कर शिनाख्त की। पोस्टमार्टम के बाद उसका अंतिम संस्कार भी कर दिया। मगर मोहर्रम का त्योहार करीब आने पर उसने ग्रामीणों से संपर्क कर जीवित होने की जानकारी दी। अंतिम संस्कार होने के बाद से पुलिस को मृतक की स्पष्ट पहचान करवाना सिर दर्द बनी हुई है।
सदर कोतवाली के गांव पुरवा रहट स्थित काशी ईंट भट्ठे के पास 27 जून की दोपहर को एक 40 वर्षीय युवक का शव मिला था। ग्रामीणों ने उसके मानसिक बीमार होने व दो-तीन दिन से गांव के आसपास घूमते दिखने की जानकारी दी थी। शव की शिनाख्त के लिए पुलिस ने उसके फोटो सोशल मीडिया पर वायरल किए थे। सोशल मीडिया पर पुलिस की ओर अपलोड की गईं फोटो को देख सेंगनपुर निवासी समसुल पुत्र गुलमीर व उनके पड़ोसी नसीम खान पुत्र युसुफ खान पुलिस के साथ मोर्चरी पहुंचे थे। वहां उन्होंने चेहरे से शव की पहचान समसुल के भांजे नूर मोहम्मद 40 पुत्र स्व. तौफीक के रूप में की थी। उन्होंने बताया था कि नूर मोहम्मद मुंबई में प्राइवेट नौकरी करता था। इसके बाद पुलिस ने पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजन को सौंप दिया था। परिजन शव को घर ले आए और रात में उसको गांव के ही कब्रिस्तान में दफ्न कर दिया। अंतिम संस्कार के बाद से चालीसवां सहित अन्य क्रियाओं की तैयारियों में जुटे थे। इसी बीच मंगलवार को नूर मोहम्मद ने गांव के लोगों को फोन कर मोहर्रम पर घर आने की जानकारी दी। जिससे सुन ग्रामीण व परिजन भौचक्का रह गए। मृतक की असली पहचान करवाना अब पुलिस के लिए सिर दर्द बन गई है। सीओ अजीमल एमपी सिंह ने बताया कि परिजन के अनुसार हमशक्ल होने के चलते भूलवश शिनाख्त होने की बात कही है। नूर मोहम्मद के गांव आने के बाद ही मामला स्पष्ट हो सकेगा। घटना की जानकारी उच्चाधिकारियों को दी गई है।
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