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अजीतमल-बीहड़ क्षेत्र के पशु पालको को नही मिल पा रहा है इलाज

अजीतमल

बीहड़ क्षेत्र के पशु पालको को नही मिल पा रहा है इलाज

वर्षों से बंद पड़ी इमारत हो रही खंडहर में तब्दील

अजीतमल,औरैया

तहसील क्षेत्र के बीहड़ी इलाके के पशु पालको को अपने पशुओ का इलाज नही मिल पा रहा है जबकि क्षेत्र में स्थिति ग्राम बवाइन के पास तत्कालीन बसपा सरकार में एक पशु अस्पताल निर्माण कराया गया था तथा जिससें कुछ दिनो तक क्षेत्र के लोगो को अपने पशुओं का इलाज मिला था, लेकिन इस समय पशु अस्पताल की इमारत को देखकर ऐसा लगता है कि वहा कई वर्षो से कोई नही पहुंचा है। गेट पर लगातार ताला लटकने से क्षेत्र के लोगों को अपने पशुओ का इलाज कराने के लिये कई किलोमीटर का सफर करके अजीतमल या औरैया जाना पड़ता है, जिससे लोगों को पशु पालन करने में कठिनाई हो रही है।
तत्कालीन बसपा सरकार में यह पशु अस्पताल इस मंशा से बनाया गया था कि बीहड़ी क्षेत्र के ग्राम बवाइंन, फरिहा, महेवा, बटपुरा, जुहीखा, नगला बनारस, सेगनपुर, कैथोली, गूज ततारपुर कलां, बीझलपुर सहित दो दर्जन गांवों के पशु पालकों को सुविधा मिल सके, लेकिन किसी डॉक्टर या कर्मचारी के न पहुचने से अस्पताल आज खंडहर प्रतीत होता है। परिसर में बड़ी बड़ी घास उग आयी है तथा इमारत भी जीणझीण हो गयी है। क्षेत्र के लोगो का अगर कोई पशुओं से सम्बन्धी कार्य हो तो उसे कोई सुबिधा नही मिल पा रही है। क्षेत्र के लोेगो ने इस सम्बन्ध में कई बार जनप्रतिनिधियो सहित उच्चाधिकारियो को अवगत कराया है, लेकिन आज तक कोई सुनवायी नही हुई है। इस सम्बन्ध में जिला पशु चिकित्साधिकारी डा0 भानु प्रताप ने बताया कि डाक्टरो एवं कर्मचारियो की कमी के चलते वहा पर किसी की तैनाती नही है पशु चिकित्साधिकारी बेला डा0 सौरभ को वहा का अतिरिक्त चार्ज दिया गया है। अगर वह नही पहुच रहे है तो उनसे कहा जायेगा सप्ताह में दो दिन वह वहां पर बैठकर क्षेत्र की जनता को राहत प्रदान करेंगे।

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