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मड़ौली-गांव में झोपड़ी के अन्दर मां बेटी की जला कर मारने के प्रदेश ही नहीं बल्कि देश के बहुचर्चित दोहरे हत्यकाण्ड

मड़ौली गांव में झोपड़ी के अन्दर मां बेटी की जला कर मारने के प्रदेश ही नहीं बल्कि देश के बहुचर्चित दोहरे हत्यकाण्ड में आरोपपत्र में निकाले गए आरोपियों तत्कालीन उपजिलाधिकारी मैथा ज्ञानेश्वर प्रसाद तत्कालीन रूरा थानाध्यक्ष दिनेश कुमार गौतम आदि व आरोपपत्र के आरोपियों को हत्या की धारा सहित अन्य संगीन धाराओं में तलब करने हेतु मामले के वादी शिवम दीक्षित ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अलंकृता शक्ति त्रिपाठी की न्यायालय में पूर्व में प्रार्थना पत्र दाखिल किया था जिसमे पीठासीन अधिकारी के अवकास के कारण सुनवाई नहीं हो सकी और मामले में अब अगली सुनवाई की तिथि 22 नवम्बर नियत करने के आदेश पारित किए है।यह जानकारी वादी द्वारा केश में नियुक्त अधिवक्ता जितेन्द्र प्रताप सिंह चौहान ने दी।अधिवक्ता जितेन्द्र चौहान ने बताया कि वादी शिवम दीक्षित ने थाना रूरा में लिखित तहरीर देते हुए तत्कालीन एसडीएम ज्ञानेश्वर प्रसाद,कानूनगो,लेखपाल लेखपाल अशोक सिंह तत्कालीन थानाध्यक्ष रूरा दिनेश कुमार गौतम अज्ञात तीन लेखपाल सहित 11 नामजद सहित 15 से 20 महिला व पुरूष पुलिसकर्मियों के विरुद्ध 13 फरवरी 2023 को इस आरोप के साथ थाना रूरा में मुकदमा पंजीकृत कराया था कि आरोपियों ने विधि विरुद्ध तरीके से वादी की झोपड़ी से बेदखल करने की नीयत से झोपड़ी को जेसीबी से गिराया गया उसमे आग लगा कर उसमे मौजूद वादी की माँ बहन को जिन्दा जला कर मारा गया तथा वादी को आग में फेंक कर जला कर मारने का प्रयास किया गया घटमा में वादी के पिता गम्भीर रूप से जल गए थे।मामले में पूरे देश में घटना को लेकर आक्रोश फैला था।मामले को राजनीतिक दलों ने प्रदेश विधानसभा में भी उठाया था।मामले में शासन ने विवेचना एसआईटी गठित कर करने के आदेश दिए थे।एसआईटी ने विवेचना पूर्ण करते हुए मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की न्यायालय में दो अलग अलग आरोपपत्र दाखिल किए पहले आरोप पत्र में जेसीबी चालक के बिरुद्ध 304ए व लेखपाल अशोक सिंह के विरुद्ध 427 व 120बी में पहला आरोप पत्र व 3 अन्य आरोपियों के विरुद्ध 427 व 120बी भारतीय दण्ड संहिता में दूसरा आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल करते हुए एसडीएम अन्य कानूनगो तत्कालीन थानाध्यक्ष रूरा अन्य सिपाहियों व आरोपियों की मामले में नामजदगी गलत बताते हुए उन्हें विवेचना मे निर्दोष बताते हुए आख्या भेजी है।मामला अब इसी बिन्दु पर सुनवाई हेतु न्यायालय में नियत है और न्यायालय ने वादी शिवम को अपना पक्ष रखने हेतु सम्मन भेजा था।वादी शिवम ने कहाकि वह मामले के हर एक दोषी को दण्डित कराने हेतु हर स्तर पर पैरवी कर दोषियों को सजा दिलाएंगे।

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