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अकबरपुर, कानपुर देहात योगी सरकार की महत्वाकांक्षी 102-108 निःशुल्क एंबुलेंस सेवा जिसे गरीबों के लिए जीवनदायिनी माना जाता है, कानपुर देहात में सेवा प्रदाता कंपनी के कर्मचारियों की मनमानी और लापरवाही के चलते मजाक बनकर रह गई है। न वर्दी, न पहचान – कौन मरीज, कौन कर्मचारी पता ही नहीं

कानपुर देहात में 102-108 एंबुलेंस सेवा भगवान भरोसे: पायलट-EMT उड़ा रहे हैं कंपनी के आदेशों की धज्जियां

अकबरपुर, कानपुर देहात

योगी सरकार की महत्वाकांक्षी 102-108 निःशुल्क एंबुलेंस सेवा जिसे गरीबों के लिए जीवनदायिनी माना जाता है, कानपुर देहात में सेवा प्रदाता कंपनी के कर्मचारियों की मनमानी और लापरवाही के चलते मजाक बनकर रह गई है।

न वर्दी, न पहचान – कौन मरीज, कौन कर्मचारी पता ही नहीं

नियमों के मुताबिक ऑन ड्यूटी पायलट और इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन (EMT) को निर्धारित यूनिफॉर्म पहनना अनिवार्य है, ताकि आम आदमी पहचान सके। लेकिन यहाँ तो सरेआम आदेशों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।

अधिकतर एंबुलेंस में पायलट और EMT बिना वर्दी के ही ड्यूटी करते नजर आते हैं। ऐसे में मरीज के साथ आए परिजन और भीड़ में यह पहचानना ही मुश्किल हो जाता है कि आखिर मरीज कौन है और एंबुलेंस कर्मी कौन?

स्ट्रेचर है ही नहीं, मरीज को परिजन ही टांगते हैं

एंबुलेंस वाहनों के रख-रखाव में भी घोर लापरवाही बरती जा रही है। कई एंबुलेंस में स्ट्रेचर ही नहीं है या टूटा पड़ा है। आलम यह है कि अस्पताल की इमरजेंसी तक मरीज को EMT नहीं, बल्कि मरीज के परिजन खुद अपनी गोद में उठाकर, एंबुलेंस से नीचे उतारकर ले जाते हैं।

EMT को मरीज के पास होना चाहिए, बैठते हैं ड्राइवर के बगल में

नियम कहता है कि EMT को हमेशा मरीज के पास पीछे बैठना चाहिए ताकि रास्ते में प्राथमिक उपचार दे सके। लेकिन यहां तो साहब पूरी अदा के साथ ड्राइवर के बगल में आगे की सीट पर बैठकर आते हैं। पीछे मरीज राम भरोसे तड़पता रहता है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि “एंबुलेंस कर्मियों की दबंगई देखनी हो तो किसी भी कार्य दिवस में सुबह से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, अकबरपुर परिसर में जाकर बैठ जाओ, हकीकत खुद-ब-खुद सामने आ जाएगी।”

गरीब, असहाय और अंत्योदय परिवारों के लिए शुरू की गई इस सेवा में इस तरह की लापरवाही सीधे-सीधे मानव जीवन से खिलवाड़ है। जिला प्रशासन और सेवा प्रदाता कंपनी के उच्चाधिकारियों को तत्काल इस पर संज्ञान लेकर दोषी पायलटों और EMT के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।

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