कृषक पराली को न जलायें, निराश्रित गोवंश स्थलों पर करें दान: उपनिदेशक कृषि
कानपुर देहात 27 नवम्बर 2023-
जिलाधिकारी आलोक सिंह द्वारा पराली जलाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही किये जाने के निर्देशों के परिपालन में आज उप कृषि निदेशक, रामबचन राम द्वारा ग्राम – जोरावरपुर, विकासखंड – मैथा मे कृषकों से पराली को जलाने के स्थान पर निराश्रित गोवंश स्थलों पर दान करने की अपील की गयी। किसानों को अवगत कराया गया कि फसल अवशेष/पराली जलाने से जहॉ एक ओर पर्यावरणीय क्षति, मृदा स्वास्थ्य एवं मित्र कीटों पर कुप्रभाव पडता है वही दूसरी ओर फसलों एवं ग्रामों में अग्निकाण्ड होने की भी सम्भावना होती है। फसल अवशेष जलाने से मिट्टी के तापमान में वृद्धि होने से मृदा की भौतिक, रासायनिक एवं जैविक दशा पर विपरीत प्रभाव पडता है, मिट्टी में उपस्थित सूक्ष्म जीव नष्ट होते है जिससे जीवांश के अच्छी प्रकार से सडने में भी कठिनाई होती है। पौधे जीवांश से ही पोषक तत्व लेते है तथा इससे फसलों का उत्पादन भी कम होता है।
अतः पराली किसी भी दशा में न जलाये। किसान भाइयों को यह भी अवगत कराया गया कि मा0 सर्वोच्च न्यायालय ने फसल अवशेष जलाये जाने पर पूर्णतः रोक लगाते हुए इस दण्डनीय अपराध की श्रेणी में रखा है।
यदि किसी व्यक्ति द्वारा फसल अवशेष/पराली जलाने की घटना घटित की जाती है तो मा0 राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण अधिनियम की धारा-24 एवं 26 के अन्तर्गत उसके विरूद्ध पर्यावरण क्षतिपूर्ति हेतु 02 एकड़ से कम क्षेत्र के लिए रु0 2500/- प्रति घटना, 02 से 05 एकड़ के लिए रु0 5000/- प्रति घटना और 05 एकड़ से अधिक क्षेत्र के लिए रु0 15000/- प्रति घटना की दर से अर्थदण्ड वसूले जाने का प्राविधान है।
उप कृषि निदेशक द्वारा किसानो को अवगत कराया गया कि जिलाधिकारी के मार्ग-दर्शन एवं अपर जिलाधिकारी (वि0/रा0) के निर्देशन में जनपद में पराली जलाने की घटनाओं की रोकथाम हेतु व्यापक अभियान चलाया जा रहा है।
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