Breaking News

कानपुर देहात-खातों में नहीं पहुंचा यूनिफार्म का पैसा, बच्चे मायूस

कानपुर देहात

खातों में नहीं पहुंचा यूनिफार्म का पैसा, बच्चे मायूस

कानपुर देहात।

बेसिक शिक्षा विभाग की हीलाहवाली के कारण बच्चों के स्कूल ड्रेस, जूते-मोजे का पैसा 34 दिन बाद भी खातों में नहीं पहुंचा। सत्र के एक माह से अधिक समय बीतने के बाद भी बच्चों के माता-पिता के खातों में ड्रेस, जूते-मोजे और बैग के 1200 रुपये अभी तक नहीं पहुंचे हैं। यह पैसा सत्र शुरू होने से पहले या सत्र के शुरुआती दिन में भेजने का प्रावधान है ताकि बच्चे पहले दिन से नए ड्रेस, जूते-मोजे में आ सकें।यह रकम कक्षा एक से आठ तक के सभी छात्र-छात्राओं के अभिभावकों को देनी थी। शिक्षकों की मानें तो सत्र शुरू होते ही जब बच्चे नए ड्रेस, जूते-मोजे व बैग लेकर स्कूल आते हैं तो उनके मन में उत्साह रहता है। इस 1200 रुपये में से 1100 रुपये दो सेट यूनिफार्म, एक स्वेटर, एक सेट जूता मोजा, एक बैग व 100 रुपये स्टेशनरी के होते है। स्कूल ड्रेस नहीं होने से काफी बच्चे स्कूल आने में आनाकानी करते हैं। शिक्षकों का कहना है कि 15 मई तक हर हाल मे उक्त धनराशि अविभावकों के खाते में हस्तांतरित की जाय ताकि परिषदीय स्कूलों के बच्चें भी नए यूनिफार्म में स्कूल आ सकें।

About sach-editor

Check Also

अखबार की रद्दी के इस्तेमाल पर पाबंदी बड़ी खबर है कि…,भारत में समोसा, वड़ा पाव या पकौड़े बेचने वालों के लिए एक बड़ा बदलाव हुआ है अब अगर किसी दुकानदार ने खाने की चीज को अखबार के कागज में लपेटा, तो उस पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण ने देशभर में समाचार पत्रों के इस्तेमाल पर तत्काल रोक लगा दी है… नियमों के उल्लंघन करने पर जेल भी हो सकती है

अखबार की रद्दी के इस्तेमाल पर पाबंदी बड़ी खबर है कि…,भारत में समोसा, वड़ा पाव …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *